बलिया -नरही थाना प्रभारी सहित 9 पुलिसकर्मी निलंबित
यूपी-बिहार बॉर्डर पर कार्रवाई: अवैध वसूली में ADG वाराणसी और DIG आजमगढ़ का छापा, दो पुलिसवाले समेत 18 गिरफ्तार।
बलिया जिले के नरही थाना के यूपी बिहार की सीमा स्थित भरौली चौराहा पर एडीजी वाराणसी व डीआईजी आजमगढ़ की दबिश के बाद कड़ी करवाई की गई है। डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि मौके से दो पुलिसकर्मी समेत 18 को गिरफ्तार किया गया है। मौके से 37,500 नकदी बरामद किए गए हैं। नरही थाना प्रभारी पन्नेलाल समेत नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। नरही थाने के कोरंटाडीह चौकी के प्रभारी समेत चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दो सिपाही समेत 18 लोगों का चालान किया गया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर बलिया के नरही थाना क्षेत्र के भरौली चौराहा पर ट्रकों से वसूली की शिकायत पर वाराणसी जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया ने गुरुवार की भोर में करीब तीन से चार बजे की बीच छापेमारी किया था।
बताया जा रहा कि 50 से अधिक मोबाइल, 18 बाइक भी पुलिस ने कब्जे में ली है। नरही थानाध्यक्ष का कमरा सील कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों के बॉक्स खंगाले जा रहे हैं।
ट्रकों से वसूली की सूचना पर मारा छापा….

भरौली, यूपी और बिहार सीमा पर स्थित है। गंगा नदी के उस पार बिहार का बक्सर तो इस पार बलिया जिले का भरौली गोलम्बर पडता है। बिहार से लाल बालू, कोयला आदि लदे ओवरलोड ट्रकों से यहां वसूली हो रही थी। यहां पर पुलिस की वसूली और लोकेशन देने की शिकायत मिल रही थी। इसको लेकर एडीजी, डीआईजी और क्राइम ब्रांच की टीम रात 12 बजे ही बक्सर पंहुच गई थी। इसके बाद भोर में छापेमारी की प्रक्रिया शुरू हुई।
बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष फरार हैं। यहां बालू के ट्रकों से वसूली के कारण गाजीपुर के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे तक 18 किमी जाम लगता था। शिकायत यह भी थी कि पुलिस ने वसूली के लिए यहां निजी लोगों को कमीशन पर लगा रखा था। फिलहाल जांच और हिरासत में लिए पुलिसकर्मियों से पूछताछ जारी है।
ये है पूरा मामला…
नरही थाना क्षेत्र के यूपी बिहार बॉर्डर पर गंगा नदी के पुल के पार बने भरौली पिकेट पर बुधवार की रात में एडीजी वाराणसी पीयूष मोर्डिया के नेतृत्व में विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई की। बॉर्डर पर बालू लदे ट्रकों के साथ ही शराब और मवेशी लदे वाहनों से अवैध वसूली की शिकायत पर आधी रात के बाद से ही करवाई शुरू कर दी गई थी।
एडीजी डीआईजी की गोपनीय रेड…
दोनों अधिकारियों ने इस रेड की इतनी गोपनीयता रखी कि इसकी सूचना बलिया पुलिस को भी नहीं दी। इस रेड के दौरान भरौली चेकपोस्ट पर उगाही का खेल पकड़ा गया। जैसे ही पुलिसकर्मियों को पता चला कि एडीजी और डीआईजी की संयुक्त टीम ने रेड किया, सभी पुलिसकर्मी थाना छोड़ कर भागने लगे। अपुष्ट खबर के अनुसार नरही के कोतवाल तो सात फुट ऊंची थाने की चाहरदीवारी कूद कर फरार हो गए।
एडीजी वाराणसी कार्यालय के मुताबिक भरौली चेकपोस्ट पर वसूली और उगाही के इनपुट तो कई दिन पहले ही मिल गए थे। हालांकि चार दिनों तक लगातार रैकी की गई, जब पूरा मामला पुष्ट हो गया तो फिर फाइनली दबिश की कार्रवाई हुई है। डीआईजी आजमगढ़ वैभव कृष्ण के मुताबिक इस मामले में कोरंटाडीह चौकी प्रभारी समेत सभी पुलिस कर्मियों के साथ नरही कोतवाल को भी तत्काल निलंबित कर दिया गया। वहीं इस थाने में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की गई है। पूरे मामले की जांच युवा आईपीएस अधिकारी, अपर पुलिसअधीक्षक आजमगढ को सौपी गई है।

