मनचलों ने लील ली सुदीक्षा भाटी की जिंदगी

● *चार करोड़ के स्कॉलरशिप से अमेरिका में कर रहीं थी पढ़ाई*
● *पिता लगाते हैं चाय का स्टाल, चाचा ने कहा, नहीं मिल रहा न्याय*

KTG समाचार [श्रीनिवास कीन्नेरा ]
*बुलंदशहर:* उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की एक बेटी जिसने न केवल देश में अपितु अमेरिका में भी अपनी क़ामयाबी का झंडा गाड़ा था, कुछ मनचलों के चलते उसका सुनहरा भविष्य खत्म हो गया। अमेरिका के बॉब्सन कॉलेज की छात्रा सुदीक्षा भाटी बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखती थी। सुदीक्षा ने अपनी मेहनत के बलबूते अमेरिका के बॉबसन कॉलेज से भारी-भरकम स्कॉलरशिप हासिल की थी। पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल सुदीक्षा का चयन साल 2011 में विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी स्कूल में कक्षा 6 के लिए हुआ।
डेरी स्कनर गांव के रहने वाले चाय विक्रेता जितेंद्र भाटी की बेटी सुदीक्षा भाटी ने एचसीएल फाउंडेशन के स्कूल विद्या ज्ञान से आगे की पढ़ाई की। 2018 की सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में सुदीक्षा ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए। फिर सुदीक्षा को अमेरिका के बॉबसन कॉलेज से आगे की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली।
सुदीक्षा के चाचा सतेंद्र भाटी के अनुसार, वे और सुदीक्षा बाइक से मामा के घर जा रहें थे। जैसे ही वे दोनों बुलंदशहर-औरांगबाद रोड पर पहुंचे, तभी 2 बुलेट पर सवार कुछ मनचलों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। वे अपनी गाड़ी को कभी उनके आगे करते तो कभी पीछ हो जाते थे। सुदीक्षा के चाचा सतेंद्र के अनुसार ऐसे में उन्होंने अपनी बाइक को तेजी से आगे निकाला। तभी एक बुलेट सवार अचानक उनकी गाड़ी के आगे आ गया और ब्रेक लगाकर रुक गया। उन्होंने कहा कि, मैंने भी आनन-फानन में ब्रेक लगा दिया। इससे सुदीक्षा सड़क पर गिर गई और उसकी मौत हो गई और वे गंभीर रूप से घायल हो गये।
चाचा ने बताया कि, सड़क हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और एंबुलेंस बुलाई गई। सतेंद्र भाटी ने बताया कि मनचलों की गाड़ी पर जाति विशेष का नाम लिखा हुआ था.
*डीएम ने कहा, छेड़खानी की बात गलत, यह रोड एक्सीडेंट था*
उधर, जिला प्रशासन ने सुदीक्षा की मौत पर एक अलग ही कहानी पेश कर दी हैं। बुलंदशहर के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मंगलवार को बयान जारी करते हुए बताया कि सुदीक्षा भाटी की मौत के संबंध में कुछ लोगों के द्वारा भ्रांतियां फैलाई जा रही थीं कि उनकी मौत छेड़खानी से हुई है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि वह अपने चाचा के साथ बाइक पर नहीं जा रही थीं, बल्कि सुदीक्षा अपने छोटे भाई के साथ बाइक पर बैठकर अपने मामा के घर जा रही थी।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि ट्रैफिक के पास इनकी बाइक सामने से आ रही एक बाइक से टकरा गई, जिससे से नीचे गिर गई। गिरने से उनको चोटें आईं।
सूचना मिलने पर पीआरवी वैन के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और सीएचसी औरंगाबाद में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बुलंदशहर के जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने हेलमेट भी नहीं पहन रखा था। उन्होंने बताया कि चाचा के द्वारा बाइक चलाने की बात गलत है।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि सुदीक्षा नाम की लड़की जो अपने भाई के साथ मामा के घर जा रही थी, रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। जब मौजूद लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि सामने से एक मोटरसाइकिल जा रही थी। उसने अचानक ब्रेक मारा और सुदीक्षा की बाइक जाकर उनकी बुलेट से टकरा गई। इससे जमीन पर गिरने से लड़की की मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि उस समय भाई ने या किसी और ने छेड़छाड़ की बात नहीं बताई थी।
