एंटीजन जांच निगेटिव है तो कराना होगा आरटीपीसीआर

एंटीजन जांच निगेटिव है तो कराना होगा आरटीपीसीआर

एंटीजन जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने पर आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। आईएलआई के केस में विशेष सावधानी बरती जा रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता व फस्ट लाइन वर्कर की भी जांच कराई जा रही है।
कोरोना की जांच के संबंध में शासन से समय-समय पर संशोधित गाइड लाइन जारी की जाती है। गाइड लाइन के अनुसार कंटेंनमेंट जोन में रैपिड एंटीजन टेस्ट को वरीयता दी जाएगी। इसके बाद आरटीपीसीआर, ट्रूनेट व सीबीनॉट से जांच कराई जाएगी।

आईएलआई लक्षण युक्त सभी व्यक्ति जिसमें स्वास्थ्य कार्यकर्ता व फस्ट लाइन वर्कर भी शामल है, उनके चिन्ह्ति किए जाने के 48 घंटे के अंदर जांच की जाएगी। ऐसे लोगों की एंटीजन जांच रिपोर्ट अगर निगेटिव आती है तो उनकी दोबारा जांच आरटीपीसीआर से कराई जाएगी। इसी के साथ कंटेंनमेंट जोन में रहने वाले गंभीर बीमारी वाले कोमार्बिड, 60 साल से ऊपर के लोग, गर्भवती महिलाएं व कमजोर लोगों की जांच आरटीपीसीआर के माध्यम से ही कराई जाएगी। प्रयोगशाला की जांच में जो भी मरीज पॉजिटिव मिलता है, ऐसे व्यक्ति के परिवार के सभी सदस्यों, घरेलू कार्य करने वालों तथा संक्रमित के साथ काम करने वालों को हाई व लो रिस्क जांच में सम्मिलित कर उनकी भी कोरोना की जांच कराई जाएगी। एसीएमओ डॉ सीएल कन्नौजिया ने बताया की एंटीजन जांच की निगेटिव रिपोर्ट के गलत होने की आंशिक संभावना होती है, जबकि आरटीपीसीआर की पॉजिटिव और निगेटिव दोनों रिपोर्ट शत-प्रतिशत सही होती है।
