बलिया -शिक्षको ने दिया 27 नवंबर को उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम


एक साल से लगातार वेतन लेट होने से त्रस्त हजारों शिक्षक हुए लामबंद आर्थिक संकट गहराया; 27 नवंबर को उग्र आंदोलन :
“जब शिक्षक का पेट खाली रहेगा, तो बच्चे का दिमाग कैसे भरेगा?बलिया।
जनपद में परिषदीय विद्यालयों के लगभग 16,000 शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी पिछले एक वर्ष से नियमित वेतन में देरी की समस्या से परेशान हैं। न्यायालयी बाधा एवं प्रशासनिक विलम्ब के कारण हर माह वेतन देर से जारी हो रहा है, जबकि अक्टूबर 2025 का वेतन अभी तक कर्मचारियों को प्राप्त नहीं हुआ है। इसके चलते शिक्षकों पर आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।शिक्षकों ने बताया कि वेतन समय से न मिलने के कारण लोन की EMI समय पर जमा नहीं हो पा रही, जिससे CIBIL स्कोर खराब हो रहा है। वहीं बच्चों की फीस, चिकित्सा व्यय, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। लगातार एक वर्ष से जारी इस समस्या ने कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक रूप से अत्यंत प्रभावित किया है।
इसी समस्या के स्थाई समाधान की मांग को लेकर जनपद के सभी शिक्षक संगठनों ने हाल ही में एकजुट होकर “बेसिक शिक्षा परिषद संयुक्त मोर्चा – बलिया” का गठन किया है। 20 नवंबर 2025 को आयोजित बैठक में सभी संगठनों ने एक स्वर में मांग उठाते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को एक स्मरण पत्र सौंपा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बीएसए कार्यालय पर कुर्की का आदेश भी जारी

ज्ञातव्य हो कि इसी पृष्ठभूमि में 29 वर्ष पुराने एक मामले में अतिरिक्त सिविल जज (सी.डी.) बलिया, संजय कुमार गोंड की अदालत ने 07 नवंबर 2025 को बीएसए कार्यालय की कुर्की का आदेश जारी कर दिया है। यह मामला सच्चिदानंद बनाम प्रबंध समिति आदि से संबंधित है।
कुर्की आदेश जारी होने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर तथा जटिल हो गई है, जिससे प्रशासन पर दबाव भी बढ़ा है।
27 नवंबर को उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट कहा है कि यदि 26 नवंबर 2025 तक वेतन समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया तो 27 नवंबर 2025 को प्रातः 10 बजे से बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर हजारों शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उग्र प्रदर्शन करेंगे।
संयुक्त मोर्चा में शामिल प्रमुख संगठन—
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, महिला शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, अटेवा, विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन, प्राथमिक शिक्षक संघ पंजीकृत (1160), प्राथमिक शिक्षक संघ पंजीकृत, मृतक आश्रित शिक्षक कर्मचारी संघ, अनुदेशक संघ, पूर्व ARP संघ
तथा जनपद के सभी मान्यता प्राप्त अन्य शिक्षक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है।
शिक्षक नेताओं ने कहा –
“हम बच्चे को राष्ट्र निर्माण की नींव बनाते हैं, लेकिन खुद भुखमरी के कगार पर खड़े हैं। एक साल तक वेतन समय से न देना केवल लापरवाही नहीं, अपितु शिक्षक समाज के साथ घोर अन्याय और अपमान है। हम चुप नहीं बैठेंगे। अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है और जब तक वेतन भुगतान की समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
